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मैं सहज तथा स्वार्थपूर्ण लिखता हूँ: प्रतीक कुहाड़ | Indie Music Artist Interviews

मैं सहज तथा स्वार्थपूर्ण लिखता हूँ: प्रतीक कुहाड़

By - टीम रेडियो सिटी

DECEMBER 08,2018

प्रतीक कुहाड़
गायक तथा गीतकार प्रतीक कुहाड़ आज-कल के अब से जाने माने संगीतकर हैं। जबसे उनका नया गाना “कोल्ड/मैस” लॉन्च हुआ है, तब से दुनिया भर के संगीत-प्रेमियो ने उससे संबन्धित धुनों तथा कड़ियों के बारे में बोलना बंद नहीं किया है। रेडियो सिटी फ्रीडम 5 में अपने गाने “तुम जब पास” के लिए बेस्ट पॉप आर्टिस्ट (जूरी चॉइस) के विजेता प्रतीक कुहाड़ ने कहाँ की उनकी मौजूदा प्रेम का श्रम उनके उत्साही प्रशंसकों के लिए भेट है। रेडियो सिटी फ्रीडम ने इस मशहूर इंडी गायक को खास बातचीत के लिए बुलाया है।

सवालः एक आधुनिक लेख में लिखा था कि `द रिटर्न ऑफ प्रतीक कुहाड़`। सवाल यहा उठता है की आपको अपना नया संगीत लिखने में इतना वक्त क्यों लगा?
प्रतीक: हाँ, मैंने वह पढ़ा, किंतु मुझे नहीं लगता की ज्यादा वक़्त लगा है। भले ही 2015 के बाद से यह मेरा पहला मल्टी-सॉन्ग रेकॉर्ड है, किंतु साथ ही मैंने सिंगल्स तथा अलग कंटेट दर्शकों के सामने लाना बंद नहीं किया था। वैसे कहा जाए तो रेकॉर्ड जबरदस्ती नहीं होते, उन्हें हमे स्वाभाविक रूप से होने देना चाहिए। इस रेकॉर्ड को सार्वजनिक करने का मेरा इरादा पिछले काफी समय से ही था, किंतु अब जाकर सब कुछ सफल हुआ है। कभी-कभी चीजों को उनके तरीके से होने देना चाहिए और मुझे संसार के रिति-रिवाजों के विरुद्ध जाना अच्छा नहीं लगता और मैंने यह बात कुछ समय पहले ही सीखी है।

सवालः `कोल्ड/मैस` को आपके प्रशंसकों के लिए एक भेट बताया गया है। आपके अनुसार, दर्शकों का प्यार आपको अपने साहित्य रचना के लिए कैसे मददगार साबित होता है?
प्रतीक: मैं अपने प्रशंसकों की प्रतिक्रिया से हमेशा से ही अभिभूत रहा हूँ। वह मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। फिर भी मैं अपने गीतों की रचनाओं पर ज्यादा ध्यान देने की कोशिश करता हूँ- मैं सहज तथा स्वार्थपूर्ण लिखता हूँ। अगर मैं वह करना छोड़ दूँ, तो मेरा संगीत ही मुझसे नाराज हो जाएगा और मेरे लिए वह साहित्य की पहचान है – अपने आप को निष्ठा से अभिव्यक्त करना।

सवालः आप अंग्रेजी तथा हिंदी भाषाओं के बीच पूरी तरह लिप्त है। क्या आपको लगता है की भाषाओं का दर्शकों तक पहुंचने में बहुत योगदान है?
प्रतीक: नहीं मैं गाने लिखता हूँ। भाषा अप्रसंगिक है। जब मैं लिखता हूँ, तब शब्द दोनों मे से किसी एक भाषा में बाहर निकलते है और यह सिर्फ उस पल पर निर्भर करता है।

सवालः क्या आप अपने निजी जिंदगी में भी इतने ही रोमेंटीक है क्योंकी आपके कई गाने प्रेम तथा प्रेमियों पर ही आधारित है?

प्रतीक: मुझे लगता है की मैं कभी-कभी थोडसा भावुक हो जाता हूँ, पर मैं नहीं हूँ, केवल अपने गानों में।

सवालः आप `बार बार देखो` और `लस्ट स्टोरीज़` के साथ प्रभावपूर्ण साउंडट्रैक का हिस्सा रहे है और नई आने वाली फिल्म `कारवां` के लिए भी आपने संगीत कम्पोज़ किया है। क्या मेन्स्ट्रीम विज़बिलिटी आपके जैसे स्वतंत्र संगीतकारों के लिए आखरी रास्ता है?
प्रतीक: मैं दूसरे संगीतकारों के बारे में तो नहीं कह सकता पर मैं वैसे नहीं सोचता। मेरे लिए ऐसा कोई `आखरी रास्ता` नहीं है। मैंने यह इसलिए शुरू किया क्योंकी मुझे रेकॉर्ड्स बनाना अच्छा लगता है और मुझे यह पेशेवर तरीके से करना है। मुझे मेन्स्ट्रीम तथा इंडी जैसा नाम पसंद नहीं। 

सवालः हमारे लिए कोई नया संगीत?
प्रतीक: आपको उसके बारे में मेरे वेबसाइट से पता चल जाएगा।
प्रतीक कुहाड़ के गाने "कोल्ड/मैस" को सुनें जो अब रेडियो सिटी फ्रीडम पर स्ट्रीमिंग है।

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