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हर इंडस्ट्री को एक हीरो की जरूरत होती है: अल्लुरी | Indie Music Artist Interviews

हर इंडस्ट्री को एक हीरो की जरूरत होती है: अल्लुरी

By - टीम रेडियो सिटी

AUGUST 10,2018

श्रीराम अल्लुरी
श्रीराम अल्लुरी उर्फ अल्लुरी हैदराबाद के संगीत विकास में होने वाले संस्कृतिक पुनविकास के बीच एक संगीतकार है। इटली, ब्रिटेन तथा भारत के बीच घूमते-घूमते, अल्लुरी की संगीत शैली में हिंदुस्तानी आवाज़ के साथ पश्चिमी रचनाओं का मेल है। उअंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके उल्लेखनीय प्रदर्शनों में से कुछ - जुलाई 2017 में कैम्ब्रिज फोक फेस्टिवल, सितंबर 2017 में मिलानो में सोफर साउंड्स एक्स एमनेस्टी, दिसंबर 2017 में फ्रांस के रेनेस में ट्रांसम्यूसिकल्स, अप्रैल 2018 में एस्टोनिया में टालिन संगीत सप्ताह 2018 और लंदन में 12 जून 2018। वे 2017 में पुणे के एन॰एच विकेंदर के भी हिस्सेदार रह चुके हैं।

रेडियो सिटी फ्रीडम मे इस संगीतकर को उनके भारत के सफर के परे बातचीत के लिए बुलाया जो 10 अगस्त 2018 को हार्ड रोक कैफ़े, मुंबई तथा गच्चिबौली इंदौर स्टेडियम, हैदराबाद में आयोजित किया गया है।

सवालः एक आधुनिक वेबसाइट का शीर्षक आपको तेलगु रॉक का परिवर्तन वादी बताते है। इस बात से आप कहाँ तक सहमत है?

अल्लुरी: मैं इस बात को स्वीकार करता हूँ। वह इस बात को पूरी तरह से कह सकते हैं किन्तु मैं इसपर कोई टिप्पणी नहीं दे सकता। मैं वह काम करता हूँ जिसपर मुझे पूरा भरोसा है और वहीं मंच पर प्रस्तुत कर देता हूँ। मैं लोगों के व्यक्तिगत विचारों पर प्रभाव नहीं डाल सकता। 

सवालः एक हाल ही में हुए बातचीत में आप ने कहा था की आप श्रोतागणों को अपना प्रदर्शन देखने बुलाओगे, किन्तु बदले में आप से यह पूछा गया की आप कौन सी फिल्म के लिए संगीत कम्पोज़ कर रहें है। आपको ऐसा क्यों लगता है की कई लोगों को स्वतंत्र संगीत के बारे में कुछ नहीं पता होता जब तक उस संगीत को एक वास्तविक पहचान नहीं मिल जाती? 

अल्लुरी: हर इंडस्ट्री को एक हीरो की जरूरत होती है। इंडिपेंडेट म्यूजिक इंडस्ट्री में ऐसा कोई हीरो है जो हिंदुस्तान जैसे विशाल देश को एक कर सकें। तो एक संगीत सुनने वाला यहीं सवाल करेगा किन्तु मैंने कुछ संगीतप्रेमियों से भेट की है जो ऐसा सवाल नहीं पूछते। 

सवालः क्या पश्चिमी तरीकों को अपने संगीत में इस्तेमाल करना आपके लिए आसान था या श्रोतागणों को बढ़ाने के लिए आपकी युक्ति?

अल्लुरी: अगर मैं स्ट्रेटेजिक पर्सन होता तो मैं इस म्यूजिक इंडस्ट्री में होता ही नहीं। मेरे तेलगु गाने लिखने से पहले अगर किसी ने मुझे यह सुझाव दिया होता तो मैं हंसकर उनकी बात को टाल देता।

सवालः आपको ऐसा क्यों लगता है की हैदराबाद अब भी स्वतंत्र संगीत को अपनाने में एक शुरुआती स्तर पर है। या अगर आपको लगता है की यह गति ही बदल गयी है, तो उस शहर को इस संघर्ष में पूरी तरह से बदलने में और कितना समय लगेगा?

अल्लुरी: पंजाब तथा कुछ उत्तर - पूर्व के राज्यों के अलावा पूरे भारत में कोई और राज्य नहीं है जो इंडिपेंडेट म्यूजिक को पहचानें। हैदराबाद में थोडसा प्रभाव है जहां लाइव म्यूजिक को उन्नत कर रहा है, किन्तु वह ज्यादातर तब जब कोई बंद या कोई कवर गाना हो तो। इन संघर्षों को सच में बदलते देखना रह गया है और ऐसा लगता है की इस तरह का हाल है। मुझे यही सवाल पाँच वर्ष बाद पूछिए। 

सवालः पूर्व सेक्स पिस्टल्स बेसिस्ट ग्लेन मेटलॉक के साथ मंच साझा करने के बारे में आपके विचार? 

अल्लुरी: मैं उनके साथ पहली बार संगीत प्रस्तुत करने वाला हूँ। मेरे अंदर का बालक बहुत उत्साहिक है। मैं आशा करता हूँ की यही ऊर्जा मैं स्टेज पर भी दिखा सकूँ। हम अभी से ही एक दूसरे को पहचान सकते है। हमने इसी साल म्यूझ के निर्माता टोमसो कोलिवा के साथ मिलान मे एक गाना रेकॉर्ड किया है। वे मेरे जून मे लंदन मे हुए गिग को भी देखने आए। तो सब कुछ अपनी जगह पर है एक रोमांचक शाम के लिए जो वर्ली में हार्ड रोक कैफे के नाम है।

सवालः मुंबई तथा हैदराबाद में होने वाले संगीत - समोरह के लिए आप कौनसे गानो को चुनते है ?
अल्लुरी: मैं अपने इटालियन बंद के साथ उसस शाम को रोमांचक बनाऊँगा। हम हमारे टेलगु तथा अंग्रेजी धुनो को गाने वाले है। फिर ग्लेन स्टेज को काबू कर एक छोटा सा एकल - संगीत प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद हम ग्लेन के साथ मिलकर पूरे सेट को खतम करेंगे। कुछ कवर गाने भी बजाए जाएंगे, यह पता करने के लिए की श्रोतागण हमेशा हमे सुन रहे है या नहीं और एक सेक्स पिस्टल गाना अंतिम है।

हैदराबाद के लिए मेरे पास दूसरे गानों की लिस्ट है जिसमे ज्यादा तेलगु गाने गाए जाएंगे। मैं अपने अल्बम के गानों को गच्चिबौली स्टेडियम पर बजाने के लिए और इंतजार नहीं कर सकता। हमारे पास हैदराबाद से एक तबला तथा एक बांसुरी कलाकार भी जुड़ने वाले है।

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