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चंबल की बागी यूं ही नहीं बनी, किये हैं ये सारे अनोखे काम: भूमि पेडनेकर | बॉलीवुड सेलिब्रिटी इंटरव्यूज

चंबल की बागी यूं ही नहीं बनी, किये हैं ये सारे अनोखे काम: भूमि पेडनेकर

By - मनोज खाडिलकर - जागरण डॉट कॉम

FEBRUARY 07,2019

सोन चिड़िया, भूमि पेडणेकर, चम्बल, सुशांत सिंह राजपूत
भूमि पेडनेकर पहली बार अभिषेक चौबे की फिल्म सोन चिड़िया में डकैत की भूमिका में हैं। फिल्म में वह अहम किरदार निभा रही हैं। पहली बार उन्होंने इस फिल्म के लिए एक्शन भी किया है।

जागरण डॉट कॉम से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि चंबल एक अलग ही दुनिया है। अभिषेक की यह सोच कि हम चंबल में ही शूट करेंगे, अपने आप में एक अलग सोच थी। अभिषेक ने यह बताया था कि इस फिल्म की शूटिंग के लिए आपको काफी कठिन तैयारी करनी होगी। ट्रेनिंग लेनी होगी। भूमि कहती हैं कि यह अब तक की मेरी फिल्मों में सबसे अलग सेटअप की कहानी है। हमलोग 1970 की कहानी में है। चंबल, जहां मॉडनाइजेशन पहुंची ही नहीं है। आप अगर अभी भी मोरैना जायें तो बाकी दुनिया से अलग है।

भूमि कहती हैं कि हालांकि लोगों के पास इंटरनेट है, टीवी है, फोन भी है, लेकिन सोच से अब भी वह उसी दौर में जी रहे हैं। हमें इस कैरेक्टर के लिए काफी कुछ अलग करना पड़ा। इस फिल्म के लिए मैं काफी दिनों पहले ही चंबल पहुंच गयी थी। फिर मैं तीन चार किलोमीटर चलती थी। सिर पर बोरी होती थी। आटे या चावल की। वहां लोग पैदल कई किलोमीटर तक चल जाते हैं। भूमि ने बताया कि उन्होंने गोबर के उपले बनाये हैं। चूल्हा जला कर खाना बनाना भी सीखा। वहां सर्वाइव करना भी कठिन था।

भूमि कहती हैं कि अगर आप भाषा भी देखेंगे तो यह बात समझेंगे कि हम लोगों ने बुदेलखंडी भाषा में बात की है। शुरुआत में समझ नहीं आ रहा था, लेकिन बाद में हमलोग फटाफट कर लिया करते थे। भूमि ने बताया कि उन्होंने इस रोल के लिए आटा और मसाले पीसे हैं, ताकि वह वहां के रस्टिक अंदाज और कैरेक्टर को पूरी तरह से पकड़ पायें। वहां की औरतें काफी स्ट्रांग हैं, लेकिन दुःख यह था कि वह काफी सप्रेशन में जीती हैं।

भूमि कहती हैं कि काफी दिनों तक मैं दुनिया से कट गयी थी। भूमि ने बताया कि इस फिल्म में मैंने रॉ एक्शन किया है। वह कहती हैं कि मैं पहले वाली भूमि रहती तो रो देती लेकिन मेरे पैरों में जब किरदार में ढलने के बाद कांटे भी चूभ रहे तो मुझे दर्द नहीं हो रहा था। हम पड़े होते थे जमीन पर। बालों में, पूरे शरीर से रेत निकल रही होती थी। भूमि कहती हैं कि मैं अपनी जिंदगी में बागी ही हूं, चूंकि मैं जिस तरह की फिल्मों का हिस्सा बनती आयी हूं। एक रिबेलियन फिल्में ही रही हैं। यह एक रिवेंज ड्रामा है।

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